बस यही माँ की परिभाषा है.
🖋इशू शर्मा श्री माँ परिवार ONLY WRITE THIS BLOG बस यही माँ की परिभाषा है . हम एक शब्द हैं तो वह पूरी भाषा है हम कुंठित हैं तो वह एक अभिलाषा है बस यही माँ की परिभाषा है. हम समुंदर का है तेज तो वह झरनों का निर्मल स्वर है हम एक शूल है तो वह सहस्त्र ढाल प्रखर हम दुनिया के हैं अंग, वह उसकी अनुक्रमणिका है हम पत्थर की हैं संग वह कंचन की कृनीका है हम बकवास हैं वह भाषण हैं हम सरकार हैं वह शासन हैं हम लव कुश है वह सीता है, हम छंद हैं वह कविता है. हम राजा हैं वह राज है, हम मस्तक हैं वह ताज है वही सरस्वती का उद्गम है रणचंडी और नासा है. हम एक शब्द हैं तो वह पूरी भाषा है. बस यही माँ की परिभाषा है राइटर ----- शैलेश लोढ़ा सर